Put your alternate content here
Today Visitor :
Total Visitor :


सानिया-गार्सिया की जोड़ी दुबई ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल       |      50 करोड़ रुपए कमाने वाली साल की तीसरी फिल्म बनी ‘मलंग’      |      श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक आज      |      फोर्स ने पेश की नई गुरखा और गुरखा कस्टमाइज      |       राष्ट्रपति ट्रम्प बोले- भारत का बर्ताव हमारे साथ अच्छा नहीं      |      चीन में दवा फैक्ट्रियां बंद होने की वजह से भारत में पैरासिटामॉल की कीमतों में 40% बढ़ोतरी      |       वनडे और टी-20 का चैम्पियंस कप शुरू होगा      |      नेहा कक्कड़ से ब्रेकअप के 14 महीने बाद हिमांश ने तोड़ी चुप्पी      |      जीडीपी / भारत दुनिया का 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बना, दो पायदान चढ़कर ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ा      |      भारत के सुनील कुमार ने 27 साल बाद ग्रीको रोमन में गोल्ड जीता      |      23 दिन कोमा में रहीं, हाेश में आईं तो पति चेहरा देखकर डर गए      |       शमी 3 और बुमराह 2 विकेट लेकर फॉर्म में लौटे      |      आज आधी रात को खत्म हो जाएगा 'बिग बॉस 13' का सफर      |      ट्रम्प ने फेसबुक पर खुद को नंबर 1 और मोदी को नंबर 2 बताया, लेकिन हकीकत में उनके प्रधानमंत्री से आधे फॉलोअर्स      |      राज्यपाल द्वारा पद्मश्री बशीर बद्र को जन्म-दिन की शुभकामनाएँ      |       एयरपोर्ट से उड़ान भरने जा रहे एयर इंडिया के विमान के सामने जीप आई      |      उदित नारायण बोले, 'इंडियन आइडल 11 की टीआरपी बढ़ाने के लिए हो रहा नाटक      |       केजरीवाल को जीत दिलाने वाली रणनीति का पहली बार खुलासा      |      मेरा स्वप्न है कि हर व्यक्ति को घर पर मिले शुद्ध जल : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ पानी की उपलब्धता समाज और सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री द्वारा राइट टू वाटर विषयक राष्ट्रीय जल सम्मेलन का शुभारंभ      |      युवाओं को विश्व-स्तरीय निजी सुरक्षा ट्रेनिंग देने स्थापित होंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संस्थान      |      केंद्र की याचिका पर निर्भया के दोषियों को नोटिस      |      16 साल के नसीम शाह ने बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक ली      |      शाहरुख के 6 साल के अबराम ने ताइक्वांडो में गोल्ड जीता, किंग खान बोले      |      हस्तशिल्प एवं हुनर का संरक्षण-संवर्धन समय की जरूरत : राज्यपाल श्री लालजी टण्डन      |      पाकिस्तानी घुड़सवार ने घोड़े का नाम आजाद कश्मीर रखा, कहा- स्पॉन्सर ढूंढने में इससे मदद मिलेगी      |       35 साल के छेत्री के अलावा हमारे पास दूसरा बड़ा स्ट्राइकर नहीं      |       शाहरुख खान ने खरीदे कोरियन फिल्म 'अ हार्ड डे' के राइट्स      |      प्रदेश में 41 जिलों में रेत निविदा प्रक्रिया से 1330 करोड़ रूपये के ऑफर मूल्य प्राप्त      |      मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दी संत रविदास जयंती की बधाई      |      राजपक्षे से मुलाकात के बाद मोदी बोले- श्रीलंका तमिलों की उम्मीदों को पूरा करेगा, ऐसी हमें उम्मीद है      |      

आनंद की बात

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं के लिए टेली काउंसलिंग 1 फरवरी से शुरू होगी।
आगे पढ़ेंअन्य विविध समाचार
Realme X50 5G चीन में लॉन्च करने के बाद अब कंपनी भारत में Realme 5i लॉन्च कर दिया है। एक स्पेशल इवेंट में धमाका करते हुए Realme ने इस स्मार्टफोन को महज 8,999 रुपए के प्राइज टैग कै साथ ...
आगे पढ़ें
सरकारी गेहूं की बिक्री में इसके भाव घटने की आशंका से कमी रही। लेवाल सतर्क होने से इस बार कुल 25 लाख क्विंटल के कोटे में से 4 लाख क्विंटल माल ही बिक पाया है।...
आगे पढ़ें
अद्वैत भाव के साथ जीना ही भारतीय सनातनी परम्परा : राज्यपाल श्री टंडनBookmark and Share

 राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि जब हम अपने देश के पुरातन इतिहास का अध्ययन करते हैं, तो पाते हैं कि हमारे ऋषियों-मुनियों ने प्रकृति की छाया में बैठकर ज्ञान परम्परा को प्रतिष्ठापित किया। यहीं से श्रुति-स्मृति परम्परा की शुरूआत हुई। पीढ़ी दर पीढ़ी यही चिंतन, श्रुति और स्मृति के रूप में हमारे बीच मौजूद है। इस संपदा को बार-बार नष्ट करने की कोशिश की गई परंतु भारतीय संस्कृति, संस्कार और परम्परा ने इसे नष्ट होने से बचाया। श्री टंडन आज यहाँ दो दिवसीय यंग थिंकर्स कॉनक्लेव में युवा चिंतकों को सम्बोधित कर रहे थे।


श्री लालजी टंडन ने कहा कि किसी भी देश के जीवन-काल में विपरीत परिस्थितियाँ आती हैं। भारत में भी कुछ समय के लिये चिंतन के अभाव में विकृतियाँ पैदा हुई, परंतु अब समय आ गया है कि आज के युवा उस चिंतन, श्रुति-स्मृति परम्परा और देश की बहुमूल्य ज्ञान-सम्पदा को आत्मसात कर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें।

राज्यपाल ने कहा कि आज हम पेपरलेस व्यवस्था की बात करते हैं परंतु हमारे देश में तो बरसों पहले से ही पेपरलेस व्यवस्था रही है। कबीर जैसे चिंतक निरक्षर थे परंतु उनकी ज्ञान-धारा पर आज भी शोध हो रहे हैं।

भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान के चेयरपर्सन श्री कपिल श्रीवास्तव ने बताया कि वे अंग्रेजी के प्रोफेसर थे। जब जे.एन.यू में पाणिनि, भृर्तहरि और पतंजलि के बारे में सुना, तो अध्ययन- अध्यापन की धारा ही बदल गई। फिर इन महान ऋषियों के बारे में पढ़ाना शुरू किया।

कानक्लेव के निदेशक श्री आशुतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि भारतीय ज्ञान परम्परा और औपनिवेशिकता से भारतीय मानस की मुक्ति को लेकर समसामयिक परिवेश में पुन-र्जागरण जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश-विदेश से लगभग 150 युवा कॉनक्लेव में शामिल हुए हैं। ये युवा दो दिवसीय आयोजन में कृषि, विज्ञान, भारतीय ज्ञान-परम्परा सहित भारत की दशा और दिशा के संबंध में मंथन करेंगे।

समाजसेवी श्री अमिताभ सोनी के नवाचारों पर केन्द्रित डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। इंदिरा गांधी कला केन्द्र दिल्ली के न्यासी श्री भरत गुप्ता, आरजीपीवी के कुलपति प्रो. आनंद सिंह और पीपुल्स ग्रुप के निदेशक श्री मयंक विश्नोई विशेष रूप से उपस्थित थे।

पाठको की राय
1
आपकी राय
Name
Email
Description