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रोजर फेडरर रिकॉर्ड आठवी बार बने विंबलडन चैंपियनBookmark and Share

 स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने क्रोएशिया के मारिन सिलिच को हराकर साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम-विंबलडन का मेंस सिंगल्स का खिताब जीत लिया. ऑल इंग्लैंड क्लब में फेडरर की यह रिकॉर्ड आठवीं खिताबी जीत है. अपने दूसरे ग्रैंड स्लैम और पहले विंबलडन खिताब के लिए सिलिच सिलिच की फेडरर के सामने एक नहीं चली. अपने करियर का 19वां ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम करने की दिशा में फेडरर ने 2014 में जापान के केई निशिकोरी को हराकर अमेरिकी ओपन जीत चुके सिलिच को 6-3, 6-1, 6-4 से हराया.

2014 से 16 के बीच तीन बार विंबलडन क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर हारने वाले सिलिच ने पहली बार इस अग्रणी ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन ग्रास कोर्ट का बादशाह कहे जाने वाले फेडरर ने उन्हें पहली बार विंबलडन का बादशाह नहीं बनने दिया.

दूसरी ओर, इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीत चुके फेडरर विंबलडन में अपना 11वां फाइनल खेलते हुए एक बार फिर विजेता बने. वह 2014, 2015 में भी फाइनल में पहुंचे थे लेकिन वह सर्बिया के नोवाक जोकोविक के हाथों हार गए थे. इसके अलावा 2016 में वह सेमीफाइनल में कनाडा के मिलोस राओनिक के हाथों हार गए थे.

बहरहाल, पहले सेट की शुरुआत में सिलिच ने अपना क्लास दिखाया और एक समय 2-2 की बराबरी पर पहुंच गए थे लेकिन बाद में वह फेडरर के अद्वितीय क्लास और अनुभव के आगे बेबस नजर आए. फेडरर ने यह सेट 6-3 से अपने नाम कर मैच को दूसरे सेट तक बढ़ाया.

दूसरा सेट सिलिच के लिए और भी निराशाजनक साबित हुआ. वह इस सेट में एक गेम जीत सके. फेडरर ने अपना वर्चस्व कायम करते हुए यह सेट 6-1 से जीता और यह जता दिया कि उनके अनुभव और क्लासिक टेनिस के आगे सिलिच की तेजतर्रार सर्विस की एक नहीं चलने वाली है.

तीसरे और निर्णायक सेट में सिलिच ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए 2-1 की बढ़त हासिल कर ली. वह इस सेट में पहले से बेहतर नजर आए. फेडरर ने इसके बाद दो गेम जीतते हुए 3-3 की बराबरी और फिर 5-3 से आगे हो गए लेकिन सिलिच ने स्कोर 4-5 कर मैच को रोमांच देने का प्रयास किया लेकिन फेडरर ने यहां अपने अनुभव का कमाल दिखाते हुए सिलिच को वापसी का मौका नहीं दिया और सेट के साथ मैच भी अपने नाम किया.

इस तरह फेडरर ने आठवीं बार ऑल इंग्लैंड क्लब में अपना परचम लहराया. एक समय उन्हें चुका हुआ कहा जाने लगा था लेकिन इस कद्दावर खिलाड़ी ने कोर्ट पर शानदार वापसी करते हुए अपनी प्रतिष्ठा के साथ न्याय किया. फेडरर ने इससे पहले 2003, 2004, 2005, 2006, 2007, 2009 और 2012 में यहां चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया था.


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